Modi Israel visit 2026
आज सुबह 25 फरवरी 2026…
फोन की स्क्रीन पर एक पोस्ट दिखाई दी।
तस्वीर में मुस्कान थी, शब्दों में कूटनीति थी।
Narendra Modi ने लिखा कि वे Israel की यात्रा पर जा रहे हैं।
रणनीतिक साझेदारी, सहयोग, दोस्ती — यही शब्द सामने थे।
दुनिया की राजनीति रिश्तों की भाषा बोलती है…
लेकिन ज़मीन पर लोग ज़िंदगी की भाषा जीते हैं।
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| Modi ka twitter |
Gaza news Hindi
— Gaza Strip —
वहाँ तस्वीर अलग
कहा गया था, समझौते होंगे, सहयोग बढ़ेगा…
पर दुनिया में सवाल गूंजते हैं —
क्या शांति भी पहुँचेगी?
कल तक जो जगह एक बस्ती थी,
आज मलबा दिखाई देता है।
घर टूटे, स्कूल खतम, अस्पताल खतम,
Gaza humanitarian crisis
खाना और पानी नही — gaza के लिए सबसे बड़ी चिंता।
एक माँ अपने बच्चे को सीने से लगाकर सिर्फ एक बात सोचती है —
कल सुबह सुरक्षित होगी या नहीं।
दुनिया की खबरों में मीटिंग की तस्वीरें आती हैं,
लेकिन यहाँ लोग अपने लापता अपनों के नाम पुकारते हैं।
राजनीति कहती है — रिश्ते ज़रूरी हैं।
इंसानियत पूछती है — ज़िंदगी कितनी सुरक्षित है?
Israel Palestine conflict Hindi
युद्ध और संघर्ष के बीच सबसे बड़ी कीमत आम लोग चुकाते हैं।
बच्चे, औरतें, बुज़ुर्ग — जिन्हें सिर्फ जीना था।
गाज़ा की आवाज़ यही कहती है —
हमें हथियारों की नहीं, राहत की जरूरत है।
हमें बयान नहीं, सुरक्षा चाहिए।
हमें खबर नहीं, सामान्य जिंदगी चाहिए।
दुनिया के बड़े फैसलों के बीच
छोटी-छोटी ज़िंदगियाँ खतम हो जाती हैं।
इजराइल ने समझौता किया फिर तोड़ दिया बार-बार समझौते के बाद भी इजराइल हमला किउ कर रहा है ये सवाल इजराइल से नहीं ये सवाल हमारे देश के पीएम से है जो इज़राइल जैसा आतंकवादी को दोस्त बनाना चाहता है
यह कहानी इंसानी दर्द की है।
अगर रिश्ते बनते हैं —
तो उम्मीद है कि शांति भी बने।
अगर बातचीत होती है —
तो उम्मीद है कि राहत भी पहुँचे।
क्योंकि अंत में…
हर नक्शे से बड़ा एक सच होता है —
इंसानियत।



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